13/05/2026
सुना है आईपीएल की टीआरपी में भारी गिरावट आई है। टीआरपी में गिरावट का आना इस बात का सुबूत है कि इस लीग की लोकप्रियता बहुत तेजी से कम हो रही है। अगर टीआरपी वाला लफड़ा किनारे पर कर दिया जाए और इस मामले में न पड़ा जाए कि यह सही है या गलत और सिर्फ एक आम क्रिकेट फैन की नजर से खुद ही महसूस करें तो मामला साफ हो जाता है कि आईपीएल में अब वो पहले वाली बात नही रही।
यह गिरावट क्यों आई है और लोगों की दिलचस्पी आईपीएल से कम क्यों हो रही है अगर इसकी तह तक जाने की कोशिश की जाए तो पानी की तरह सभी चीजें एक एक करके साफ हो जाएंगी। वास्तव में आईपीएल एक ग्लोबल स्तर की टी20 लीग है जिसमें दुनिया के सभी देशों के क्रिकेट खिलाड़ी खेलते हैं। बीसीसीआई द्वारा कुछ देशों के खिलाड़ियों को सीधे तौर पर आईपीएल खेलने से मना कर देना भी इस प्रतिष्ठित टी20 लीग के पतन का एक कारण हो सकता है।
आईपीएल के पतन का जो सबसे अहम कारण लग रहा है वह है हर बार की तरह अचानक ही किसी अजेय टीम का हारने लगना और लगातार हार से परेशान किसी टीम का अचानक ही लगातार जीतने लगना। इस आईपीएल सीजन ही नहीं पिछले सीजन भी यही कहानी हुई थी। अचानक ही वो टीम जो पॉइंट टेबल में टॉप पर रहती है वो हारने लगती है और प्वाइंट टेबल में नीचे रह रही टीम अचानक ही जीतने लगती है।
पंजाब किंग्स,गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स यह ऐसी टीमें हैं जिनके प्रदर्शन यह साबित करते हैं कि दाल में कुछ तो काला जरूर है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस टीम की अगर तुलना की जाए तो पंजाब किंग्स के सामने गुजरात टाइटंस की टीम बल्लेबाजी के मामले में बिल्कुल भी नही टिकती। अगर पंजाब किंग्स ने इस साल बल्लेबाजी में मोटा माटी ढाई सौ के लगभग छक्के जड़े होंगे तो गुजरात टाइटंस की पूरी टीम इस सीजन अभी तक सौ छक्के भी नहीं लगा सकी होगी।
गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स की टीम दोनों में जमीन आसमान का फर्क है। दोनों इस साल अपने अभी तक 11-11 मैच खेल चुके हैं। गुजरात टाइटंस टीम ने इनमें से 7 मैचों में दर्ज की है। पंजाब किंग्स की टीम अभी तक केवल 6 मैच जीत सकी है और वो भी लगातार जीती थी। यह सोचकर भी सिर घूम जाता है कि गुजरात टाइटंस की टीम जिसने पूरे सीजन 100 छक्के भी नहीं लगाए हों वो टीम पंजाब किंग्स से ज्यादा मैच जीत चुकी है जिसने ढाई सौ के करीब छक्के जड़े हैं।
सवाल यह है कि क्या पंजाब किंग्स लगातार 6 मैच जीतने के बाद अचानक ही इतनी खराब टीम हो गई कि लगातार 4 मैच हार गई? क्या गुजरात टाइटंस इतनी मजबूत टीम नजर आती है कि वो लगातार 4 मैच जीत जाए और प्वाइंट टेबल में पंजाब किंग्स से आगे खड़ी हो? क्या श्रेयस अय्यर कप्तानी के मामले में शुभमन गिल से पीछे हैं? सबका जवाब ढूंढा जाना चाहिए। सच सामने आना चाहिए।
ऐसी ही कहानी कोलकाता नाइट राइडर्स की भी है। वो कोलकाता नाइट राइडर्स जो शुरू में तो लगातार 5 मैच हार चुकी थी और लग रहा था बहुत खराब टीम है वो अचानक ही अजेय नजर आने लगी है। कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम लगातार 4 मैच जीत चुकी है। सवाल है कि कोलकाता नाइट राइडर्स ने अचानक ही क्या डोज ले ली कि अजेय नजर आने लगी?
चेन्नई सुपर किंग्स शुरू में हारी तो अब अजेय नजर आने लगी है। वो अजिंक्य रहाणे जो शुरू में खराब कप्तान नजर आ रहे थे अचानक ही बहुत अच्छे कप्तान नजर आने लगे। ऋतुराज गायकवाड़ जिनको लोग क्या नहीं कह रहे थे अचानक ही सुपर कप्तान साबित होने लगे। श्रेयस अय्यर जो शुरू में अजेय कप्तान बने थे अचानक औसत कप्तान नजर आने लगे।
यहां लगता है सच है कि यह आईपीएल है और यहां क्या हो जाए कुछ नही पता। यहां न तो कोई कप्तान अच्छा है और न ही कोई कप्तान खराब। न कोई टीम अच्छी है और न ही कोई टीम खराब है। शुरु में चाहे जो जीते लेकिन अंत में प्लेऑफ के लिए रोमांच बनाए रखने के लिए वही टीम जीतती है जिसके जीतने से प्लेऑफ की रेस में रोमांच बना रहे। यही कारण है कि अब सबको पहले से ही अहसास हो जाता है कि क्या हो सकता है। आईपीएल की टीआरपी भी हो सकता है इसी वजह से गिर रही हो।