25/09/2026
पापा… ❤️
आज आपका जन्मदिन है…
और आज मन करता है
कि अपनी ज़िंदगी की किताब के
कुछ पन्ने फिर से पलटूँ…
मुझे याद है मेरा बचपन…
रोज़ आपकी स्कूटर पर बैठकर
आपके साथ मंदिर जाना… 🛵🙏
तब कहाँ समझता था मैं
कि वो सिर्फ मंदिर की यात्रा नहीं थी…
आप मेरे जीवन में संस्कारों की यात्रा शुरू कर रहे थे।
फिर आया वो समय…
जब आप चाहते थे कि मैं
आपके साथ आपकी किराने की दुकान संभालूँ…
आपका सपना शायद यह था
कि बेटा साथ रहे,
काम में हाथ बँटाए,
और आपके साथ मिलकर
उस व्यवसाय को आगे बढ़ाए।
लेकिन मेरे मन में कुछ और था…
मुझे Architecture करना था।
और शायद उस समय
आपको मेरा यह सपना
समझ से ज्यादा
चिंता देता था।
फिर मेरा admission
Mechanical Engineering में हो गया…
शायद आपको लगा होगा—
“चलो… अब बेटा एक सुरक्षित रास्ते पर है।”
लेकिन मेरे मन ने
Architecture का सपना छोड़ा नहीं।
मुझे आज भी याद है…
जब मैं Pune में Architecture College में
admission लेने पर अड़ गया था…
और आप…
बस चिंतित थे—
“पता नहीं… आगे सब ठीक होगा या नहीं?”
आपने मेरे सपने को रोकने के लिए
मुझसे लड़ाई नहीं की…
आपने बस अपनी चिंता अपने अंदर रखी।
और शायद यही
एक पिता का सबसे बड़ा प्यार होता है—
बच्चे के सपने से सहमत न होते हुए भी
उसका हाथ न छोड़ना। ❤️
आज पीछे मुड़कर देखता हूँ
तो समझ आता है…
आप मुझे अपना रास्ता नहीं देना चाहते थे,
आप चाहते थे कि मेरा रास्ता सुरक्षित हो।
और मैं अपना रास्ता चुनना चाहता था…
आज अगर मैं अपने चुने हुए रास्ते पर
कुछ कर पाया हूँ,
तो उसके पीछे
सिर्फ मेरा सपना नहीं…
आपका विश्वास भी है।
क्योंकि आपने मेरे सपने को
शायद तुरंत स्वीकार नहीं किया,
लेकिन अंततः
मुझे उसे जीने दिया।
पापा,
आपने मुझे कभी डाँटा नहीं…
लेकिन आपकी खामोश चिंता ने
मुझे बहुत कुछ सिखाया।
आपने मुझे सिर्फ
एक व्यवसाय नहीं दिया…
आपने मुझे मेहनत का अर्थ दिया।
आपने सिर्फ
मंदिर नहीं दिखाया…
आपने संस्कारों का रास्ता दिखाया।
और जब मैंने अपना रास्ता चुना…
आपने मुझे उड़ने दिया।
आज मेरी हर उपलब्धि में
आपकी मेहनत की छाप है।
मेरे हर संस्कार में
आपकी परवरिश है।
मेरे हर कदम के पीछे
आपकी दुआ है।
और मेरी कहानी में
सबसे खूबसूरत मोड़…
वो है जहाँ आपने अपने सपने से ज्यादा
मेरे सपने पर भरोसा करना सीखा। ❤️
आज आपके जन्मदिन पर
मेरी भगवान से बस एक प्रार्थना है—
जिस हाथ ने बचपन में
मुझे स्कूटर पर बैठाकर मंदिर पहुँचाया था,
वो हाथ हमेशा मेरे सिर पर बना रहे। 🙏
और अगर मुझे फिर से
ज़िंदगी चुनने का मौका मिले…
तो मैं फिर आपका बेटा बनना चाहूँगा।
फिर आपकी स्कूटर पर पीछे बैठना चाहूँगा…
फिर मंदिर जाना चाहूँगा…
फिर अपना कोई सपना देखना चाहूँगा…
और इस बार शायद
आपसे बस इतना कहना चाहूँगा—
“पापा, चिंता मत करो…
आपने जिस बेटे को उड़ना सिखाया है,
वो आपकी दुआओं के साथ
बहुत दूर तक जाएगा।” ❤️
जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ पापा। 🎂🙏
आज मैं जो भी हूँ,
उसमें मेरा सपना जरूर है…
लेकिन उस सपने को उड़ने का साहस
आपने दिया है।
आप मेरे पिता ही नहीं…
मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी वजहों में से एक हैं। ❤️
Love you, Papa. 🙏❤️