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सनातन हिन्दू धर्म  #सनातनहिन्दूधर्मmoment #शक्तिधामशक्तिधाम 51 शक्तिपीठ समेकित प्रकल्प निर्माण हेतु जमीन चयन....प्रस्ताव...
02/02/2026

सनातन हिन्दू धर्म #सनातनहिन्दूधर्मmoment

#शक्तिधाम
शक्तिधाम 51 शक्तिपीठ समेकित प्रकल्प निर्माण हेतु जमीन चयन....प्रस्तावित जमीन को अवलोकन करने #श्रद्धेय_श्री_सुरेश_जोशी_उपाख्य_भैयाजी_जोशी, संत श्री गंगा भारती बर्फानी बाबा, संत श्री रितेशदास जी बैरागी एवं समस्त समिति सदस्य उपस्थित रहे।

ViP road Bhopal....🚩🚩🚩
17/01/2026

ViP road Bhopal....🚩🚩🚩

17/01/2026
13/01/2026

जय श्री राम🚩🚩🚩
आओ इतिहास बनाये,,
हिंदू सम्मेलन में भाग ले।

आप सब से निवेदन है की
हमारे देवास नगर का हिन्दू सम्मेलन दिनांक 18 जनवरी 2026 रविवार को होने जा रहा है, आप सब से आग्रह है कि आप सभी
रामी गुजराती समाज धर्मशाला, भेरूगढ़ पर हो रहे इस विशाल हिन्दू सम्मेलन ओर समरसता भोज में सहभागिता करे।

धन्यवाद।
भारत माता की जय🚩🚩🚩

05/03/2025

#पत्रकारिता को भी ठीक से समझना होगा...!

#करवाचौथ का #व्रत #हिन्दू महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है..?
#रमजान का #रोजा #मुस्लिमों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है..?
द_इंडियन_एक्सप्रेस का यह कथन..हिन्दुओं के विरुद्ध #षडयंत्र तो नहीं..!

श्री गढ़कालिका माता मंदिर उज्जैन, मध्यप्रदेश
14/10/2024

श्री गढ़कालिका माता मंदिर उज्जैन, मध्यप्रदेश

*पहले जब मैंने ये तस्वीर देखी....तो इसके पीछे का मतलब समझ नहीं आया*🤔*बहुत गौर से देखने व समझने पर बाद में पता चला कि "बि...
27/09/2024

*पहले जब मैंने ये तस्वीर देखी....तो इसके पीछे का मतलब समझ नहीं आया*
🤔

*बहुत गौर से देखने व समझने पर बाद में पता चला कि "बिल्ली ने एक सांप की पूँछ को एक छोटे से छेद से बाहर निकले हुए देखा है और बिल्ली को लग रहा है कि यह चूहे की पूँछ है,*

*चित्रकार की इस पेंटिंग का अर्थ है कि "जोखिमों को जाने बिना आप कभी नहीं जान सकते कि आप किसके❓ साथ खेल रहे हैं*
🤔🤔

*अगर आप पूरी तस्वीर देखेंगे तो समझ जाएंगे कि जिसे हम बहुत छोटा समझ रहे हैं,वह असल में हमसे कहीं ज्यादा और हमारे लिए बहुत बड़ा खतरा है।*

*यही स्थिति आज भारत के हिंदू समाज की है,वो कोबरा की पूँछ को,चूहे की पूँछ समझकर नजरंदाज करते आ रहे हैं,* *इसलिए ऐसे समय में हिंदुओं की जागरूकता एवं उनकी एकजुटता आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण है।*

*इसलिए हिन्दुओं,अपने आस-पास हो रही गतिविधियों व स्थितियों का ख्याल रखें और सतर्क रहें...आपसी एकजुटता व संगठित होने के बारे में और आपसी जागरूकता पैदा करने में हम एक दूसरे की मदद कर सकते हैं*...

*☝️ये धर्मयुद्ध इस वर्तमान युग की नई सच्चाई है,और हम ना चाहते हुए भी इस धर्म युद्ध में झोंके जा चुके हैं*

21/08/2024

21 अगस्त का 'भारत बंद' किसलिए? समझिए!

प्रश्न 1. *सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिलेयर* लागू करने का फैसला दिया हैं?
उत्तर- नहीं, क्रिमिलेयर पर चीफ जस्टिस चन्द्रचुड की 7 सदस्यीय बैंच के कुछ सदस्यों ने क्रिमिलेयर पर *ओपिनियन* दी थी। वे ओपिनियन *फैसले में शामिल नहीं* थी।

प्रश्न 2. मोदी सरकार क्रिमिलेयर लागू कर रही है ?
उत्तर- नहीं, मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सुझावों के बाद कैबिनेट मंत्रियों की बैठक कर *क्रिमिलेयर को लागू नहीं* करने का निर्णय लिया हैं।

प्रश्न 3. क्रिमिलेयर क्या हैं?
उत्तर: क्रिमिलेयर उन परिवारों को माना जाता है, जिनकी हर साल की आय 8 लाख हो और यह 3 साल तक लगातार हो। ऐसे को क्रिमिलेयर मानकर आरक्षण से अलग कर देते है। यह ओबीसी में लागू हैं। इससे IAS-RAS स्तर के अफसरों के बच्चों को आरक्षण मिलने के रास्ते बन्द हो जाते है।

प्रश्न 4. क्या सुप्रीम कोर्ट ने कैटेगरी में कोटा बनाने का फैसला दिया है?
उत्तर- हां, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को अधिकार दिया है कि वे चाहे तो कैटेगरी में कोटा कर सकती है। यह राज्यों के लिए *स्वैच्छिक* हैं।

प्रश्न 5. कैटेगरी में कोटा देने में मोदी सरकार की क्या भूमिका है?
उत्तर- मोदी कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के क्रिमिलेयर के *सुझाव* को रद्द कर दिया। पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा कैटेगरी के वर्गीकरण के राज्यों को दिये अधिकार के *फैसले* पर स्टडी करवाने के लिए विशेषज्ञों को दिया हैं।

प्रश्न 6. सुप्रीम कोर्ट में सबकोटा या वर्गीकरण का केस कैसे आया?
उत्तर: 1975 में *पंजाब की कांग्रेस की ज्ञानी जेल सिंह सरकार* ने SC कैटेगरी में आधा सीटों का कोटा (First preference) मजहबी सिख व वाल्मिकि जातियो को देने का फैसला किया था, यह 2006 तक चला, जब पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट ने रोक लगा दी। तब इसके विरोध में पंजाब में बहुत बड़ा आंदोलन हुआ। वाल्मीकि एवं मजहबी सिख को कोटा रखने के लिए कांग्रेस की अमरिंदर सिंह सरकार The Punjab Scheduled Castes and Backward Classes (Reservation in Services) Act, 2006 कानून लेकर आई। 2010 में चमार महासभा के देविन्दर सिंह के चुनौति देने पर हाइकोर्ट ने 50% कोटा देने की धारा 4(5) पर रोक लगा दी। 2010 में पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। फिर यह केस 5 जजो की बैंच से होता हुआ 7 जजो की बैंच में गया और फरवरी 2024 से इस देविन्दर सिंह बनाम पंजाब सरकार केस की सुनवाई शुरू हुई। इस तरह इस केस में 1 अगस्त को राज्य को वर्गीकरण की स्वतंत्रता देने का निर्णय आया। राज्य द्वारा कोटा दी जाने वाली जातियो की स्थिति की जांच कोर्ट भी कर सकती है।

प्रश्न 7. हरियाणा में बीजेपी सरकार ने एससी में कोटा देने का फैसला किया है?
उत्तर: हां, हरियाणा की कैबिनेट ने यह निर्णय किया है। एससी के 20% आरक्षण में 16 वंचित जातियों को आधा कोटा (first preference) देने का प्रस्ताव हैं। पर हरियाणा में अभी आचार संहिता लग चूकी हैं। अध्यादेश जारी करने के लिए हरियाणा राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से अनुमति मांगी है।

प्रश्न 8. हरियाणा सरकार ने एससी में वर्गीकरण का कैसे फैसला किया?
उत्तर- हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति आयोग ने वर्गीकरण पर अपनी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट राज्य सरकार को दी है। इसी के आधार पर यह फैसला किया गया।

प्रश्न 9. यह सबकोटा या वर्गीकरण क्या है?
उत्तर: इसके तहत एक कैटेगरी में कम प्रतिनिधित्व वाली जातियों को कोटा तय किया जाता है। मान लिजिए एससी के 16 प्रतिशत आरक्षण में 4 प्रतिशत पिछड़ी एससी जातियों नायक, मोची, वाल्मिकि, धोबी, बलाई, चाण्डाल, नट आदि के लिए कर दिया जाये!

प्रश्न 10. सब कोटा बनाने का आधार क्या है?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुसार जातियों के प्रतिनिधित्व एवं स्थिति का सर्वेक्षण किया जाता है। सटीक आंकड़े होने पर ही उन जातियों को सबकोटा में लाभ दिया जाता है।

प्रश्न 11. सबकोटा की सीट नहीं भरी गई (NFS) गई, तो क्या वो सीट जनरल हो जायेगी?
उत्तर: नहीं, उसे *एससी में कंवर्ट करके शेष एससी जातियों से भरी जायेगी।* कोटा एक तरह से कुछ सीटों पर वंचित जातियों को first preference की तरह होता हैं। उनसे पद ना भरे जाने पर शेष एससी जातियों से भरे जाते हैं।

प्रश्न 12. सबकोटा का उपयोग राज्य सरकारों ने राजनीतिक फायदे के लिए करके वोट-बैंक के लिए किसी भी जातियो को जोड़ दिया तो?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सबकोटा में उन्हीं जातियो को जोड सकते है जो *सर्वेक्षण के आंकड़ो में एससी की वंचित जातियो* में है। कर्नाटक के ओबीसी वर्गीकरण को में बिना आंकड़ो के कुछ जातियो को अलग कोटा देने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी।

प्रश्न 13. राजस्थान में इसका क्या प्रभाव पड़ना है?
उत्तर: राजस्थान में एससी-एसटी की जातियों का अलग-अलग मत हैं। राजसमंद-चित्तौड़गढ के *भील समाज* लंबे समय से एसटी में कोटे की मांग कर रहा था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का स्वागत किया हैं। वहीं वाल्मीकि समाज की भी कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया रही हैं।

प्रश्न 14. भारत बन्द का आह्वान किस संगठन ने किया?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही अचानक सोशल मीडिया में भारत बंद के पोस्टर और मैसेज आने लग गये, जिस पर आह्वान करने वालों का नाम नहीं था। फिर इसके लिए स्थानीय स्तर समितियां संघर्ष समितियां बनी ! अब क्रिमिलेयर के विरोध के मैसेज आ रहे है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिलेयर का सिर्फ ओपिनियन दिया था और क्रिमिलेयर के उस ओपिनियन को केन्द्र सरकार ने रिजेक्ट कर दिया।

प्रश्न 15. एससी-एसटी की वंचित जातियों की क्या आपत्ति है?
उत्तर: उन जातियों का कहना है कि वे लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। उन्होने कानूनी लडाइयां लड़ी हैं। जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व उनका हक हैं। उनका कहना है कि विरोध स्वरूप भारत बन्द का आह्वान करने से पहले उनसे सलाह-मशविरा भी नहीं किया।

 #सेवा_को_तत्पर_संघदेवास के चार युवा आज सावन सोमवार को देवास नगर के निकट नागदा के जंगल में केदार खो स्थित शिव मंदिर में ...
30/07/2024

#सेवा_को_तत्पर_संघ

देवास के चार युवा आज सावन सोमवार को देवास नगर के निकट नागदा के जंगल में केदार खो स्थित शिव मंदिर में दर्शन हेतु पहुँचे।

इसी बीच अचानक भारी वर्षा होने लगी, जिससे मंदिर पहुँचने वाले मार्ग का नाला उफान पर आ गया और चारों युवक जंगल में फँस गये।
सूचना मिलने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर सह-सेवा प्रमुख अपने साथियों के साथ जंगल में केदार-खो के पास पहुँचे और उन युवकों को ढूँढने लगे एवं उफनते नाले को पार कर उनके पास पहुँचे, घबराये युवकों को ढांढस बँधाकर उन्हें सकुशल घर पहुँचाया ।

#कृतिरूप_संघदर्शन

"जोधा अकबर" की कहानी झूठी निकली, सैकड़ो सालों से प्रचारित झूठ का खण्डन हुआ। अकबर की शादी "हरकू बाई" से हुई थी, जो मान सि...
29/06/2024

"जोधा अकबर" की कहानी झूठी निकली, सैकड़ो सालों से प्रचारित झूठ का खण्डन हुआ।
अकबर की शादी "हरकू बाई" से हुई थी,
जो मान सिंह की दासी थी - जयपुर के रिकॉर्ड।
पुरातत्व विभाग
भी यही मानता है कि जोधा एक झूठ है, जिस झूठ को वामपन्थी इतिहासकारों ने और फिल्मी भाँड़ों ने रचा है।
यह ऐतिहासिक षड़यन्त्र है।
आइये,
एक और ऐतिहासिक षड़यन्त्र से आप सभी को अवगत कराते हैं।
अब कृपया ध्यानपूर्वक पूरा पढ़ें।

जब भी कोई राजपूत किसी मुगल की गद्दारी की बात करता है तो कुछ मुगल प्रेमियों द्वारा उसे जोधाबाई का नाम लेकर चुप कराने की कोशिश की जाती है। बताया जाता है कि कैसे जोधा ने अकबर से विवाह किया।
परन्तु अकबर के काल के किसी भी इतिहासकार ने जोधा और अकबर की प्रेमकथा का कोई वर्णन नहीं किया !
सभी इतिहासकारों ने अकबर की केवल 5 बेगमें बताई हैं।

1. सलीमा सुल्तान।

2. मरियम उद ज़मानी।

3. रज़िया बेगम।

4. कासिम बानू बेगम।

5. बीबी दौलत शाद।

अकबर ने स्वयं अपनी आत्मकथा अकबरनामा में भी,
किसी रानी से विवाह का कोई उल्लेख नहीं किया। परन्तु राजपूतों को नीचा दिखाने के लिए कुछ इतिहासकारों ने अकबर की मृ'त्यु के लगभग 300 साल बाद 18 वीं सदी में “मरियम उद ज़मानी”, को जोधा बाई बताकर एक झूठी अफवाह फैलाई और इसी अफवाह के आधार पर अकबर और जोधा की प्रेमकथा के झूठे किस्से शुरू किये गये,
जबकि अकबरनामा और जहाँगीरनामा के अनुसार ऐसा कुछ नहीं था !
18 वीं सदी में मरियम को हरखा बाई का नाम देकर, उसको मान सिंह की बेटी होने का झूठा प्रचार शुरू किया गया। फिर 18 वीं सदी के अन्त में एक ब्रिटिश लेखक जेम्स टॉड ने अपनी किताब “एनैलिसिस एंड एंटीक्स ऑफ राजस्थान” में मरियम से हरखा बाई बनी,
इसी रानी को जोधा बाई बताना शुरू कर दिया और इस तरह यह झूठ आगे जाकर इतना प्रबल हो गया कि आज यही झूठ भारत के स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बन गया है
और जन जन की जुबान पर यह झूठ, सत्य की तरह बैठ गया है तथा इसी झूठ का सहारा लेकर राजपूतों को नीचा दिखाने की कोशिश की जाती है !
जब भी मैं जोधाबाई और अकबर के विवाह के प्रसङ्ग को सुनता या देखग हूँ,
तो मन में कुछ अनुत्तरित प्रश्न कौंधने लगते हैं !

आन, बान और शान के लिए मर मिटने वाले, शूरवीरता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध भारतीय क्षत्रिय अपनी अस्मिता से क्या कभी इस तरह का समझौता कर सकते हैं ?
हजारों की संख्या में एक साथ अग्निकुण्ड में जौ'हर करने वाली क्षत्राणियों में से कोई स्वेच्छा से किसी मुगल से विवाह कर सकती है ?
जोधा और अकबर की प्रेमकथा पर केन्द्रित अनेक फिल्में और टीवी धारावाहिक,
मेरे मन की टीस को और अधिक बढ़ा देते हैं !

अब जब यह पीड़ा
असहनीय हो गई तो एक दिन इस प्रसङ्ग में इतिहास जानने की जिज्ञासा हुई, तो पास के पुस्तकालय से अकबर के दरबारी "अबुल फजल" के द्वारा लिखित "अकबरनामा" निकाल कर पढ़ने के लिए ले आया, उत्सुकतावश उसे एक ही बैठक में पूरा पढ़ गया । पूरी किताब पढ़ने के बाद घोर आश्चर्य तब हुआ जब पूरी पुस्तक में जोधाबाई का कहीं कोई उल्लेख ही नहीं मिला !
मेरी आश्चर्यमिश्रित जिज्ञासा को भाँपते हुए मेरे फ्रेंड ने एक अन्य ऐतिहासिक ग्रन्थ "तुजुक-ए-जहाँगीरी" को, जो जहाँगीर की आत्मकथा है,
मुझे दिया ! इसमें भी आश्चर्यजनक रूप से जहाँगीर ने अपनी माँ जोधाबाई का एक बार भी उल्लेख नहीं किया है !
हाँ, कुछ स्थानों पर हीर कुवँर और हरका बाई का उल्लेख अवश्य था।
अब जोधाबाई के बारे में सभी ऐतिहासिक दावे झूठे लग रहे थे। कुछ और पुस्तकों और इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के पश्चात् सच्चाई सामने आई कि “जोधा बाई” का पूरे इतिहास में कहीं कोई उल्लेख या नाम नहीं है !
इस खोजबीन में एक नई बात सामने आई,
जो बहुत चौकानें वाली है !
इतिहास में दर्ज कुछ तथ्यों के आधार पर पता चला कि आमेर के राजा भारमल को दहेज में "रुकमा" नाम की एक पर्सियन दासी भेंट की गई थी,
जिसकी एक छोटी पुत्री भी थी।
रुकमा की बेटी
होने के कारण उस लड़की को "रुकमा-बिट्टी" के नाम से बुलाया जाता था। आमेर की महारानी ने "रुकमा बिट्टी" को "हीर कुवँर" नाम दिया।
हीर कुँवर का लालन पालन राजपूताना में हुआ, इसलिए वह राजपूतों के रीति-रिवाजों से भली भाँति परिचित थी।
राजा भारमल उसे कभी हीर कुवँरनी तो कभी हरका कह कर बुलाते थे।
राजा भारमल ने अकबर को बेवकूफ बनाकर अपनी पर्सियन दासी रुकमा की पुत्री हीर कुवँर का विवाह अकबर से करा दिया,
जिसे बाद में अकबर ने मरियम-उज-जमानी नाम दिया !
चूँकि राजा भारमल ने उसका कन्यादान किया था, इसलिये ऐतिहासिक ग्रन्थों में हीर कुवँरनी को राजा भारमल की पुत्री बताया गया,
जबकि वास्तव में वह कच्छवाह की राजकुमारी नहीं, बल्कि दासी-पुत्री थी !

 #सच्ची_घटना 🎯बेल्ट खोल दे रामचंदरनही साहब, मैं नही खोल सकता खोल दे, बहुत दर्द हो रहा है रामचंदर कैसे खोलता,vथोड़ी देर प...
29/06/2024

#सच्ची_घटना 🎯

बेल्ट खोल दे रामचंदर
नही साहब, मैं नही खोल सकता
खोल दे, बहुत दर्द हो रहा है
रामचंदर कैसे खोलता,vथोड़ी देर पहले जब हाथ लगाकर
देखा था तो समझ गया था कि अंतड़ियां खुल गयी हैं

बेल्ट ने दबा रखा है
उसने बेल्ट खोल दी तो
साहब बेहोशी के दौरे में चले जाते, फिर सचेत होते
फिर एक बार बुदबुदाये
अच्छा, एक बात मानेगा मेरी
- हां साहब
- तू बटालियन चला जा और कहना कि पूरी पलटन
शहीद हो गयी लेकिन कोई पीछे नही हटा
- आपको छोड़कर नही जाऊंगा साहब
पर साहब फिर बेहोश हो चुके थे

अब जेसीओ रामचन्दर यादव ने उन्हें उठाया और पहाड़ी
के नीचे लाने लगा ⛰️ रास्ते मे उसे अहसास हुआ कि
मेजर शैतान सिंह दम तोड़ चुके थे
बर्फ अब भी गिर रही थी 🏔️
राम चन्दर वहां पहुँचा जहां बटालियन का कैम्प था
पर वहाँ बहुत थोड़े लोग थे, जीप में बिठाकर उसे
हेडक्वार्टर लाया गया 🚔 उसने कहानी बताई

बारामूला से उन्हें 2 दिन पहले ही चुशुल सेक्टर में भेजा
गया था, वहां LAC के पास रेजांग ला पर एक मोर्चा
लगाया गया था, कम्पनी वहीं डटी हुई थी
18 नवम्बर की भयंकर सर्दी थी लेकिन भारतीय सैनिक
चौकस थे, रात साढ़े तीन बजे कुछ चीनियों को आते
देखा गया, मेजर साहब ने रेंज में आते ही उन पर फायर
करने का आदेश दिया
पहला रेला आते ही एक टुकड़ी ने धुआंधार फायरिंग हुई
चीनी गिरने लगे, वे चींटियों की तरह चढ़े आ रहे थे और
मरते जा रहे थे, तीन घण्टे तक लड़ाई चली फिर थम गई
सुबह साढ़े छह बजे, रोशनी होते ही बंकरों पर गोले 💣
बरसने लगे मानो बरसात हो रही हो हर पोस्ट, हर बंकर
फटने लगी, आधे घण्टे की शेलिंग के बाद नजारा बदल
चुका था
धुआं छंटते ही चीनी फिर आने लगे, हमारी कई पोस्ट
खामोश हो चुकी थी, जो बचे थे, गोलियां दाग रहे थे
मेजर शैतान सिंह को भी शेल का टुकड़ा लगा था
मगर वे पोस्ट से पोस्ट भागते रहे, जवानों का हौसला
बढ़ाते, इसी दौरान गोलियों का एक बर्स्ट लगा और
गिर गए, राम चन्दर उन्हें उठाकर ओट में ले आया
खून तेजी से बह रहा था, साहब बेहोश हो गए
फिर होश में आये तो जानकारी ली, फिर कहा
-बेल्ट खोल दे रामचंदर
बर्फबारी कुछ दिन बाद रुकी, सीजफायर हो चुका था
मगर बर्फ की मोटी तह हो चुकी थी, सारे निशान मिट
चुके थे
पूरे तीन माह के बाद बाद जब बर्फ पिघली 🏔️ तो इनकी
तलाश शुरू हुई, एक चरवाहे को पहाड़ी पर लाशों के ढेर
दिखा
हैवी शेलिंग से उड़े हुए हाथ पैर, हाथों में अब भी बंदूक
कोई यूँ पड़ा है जैसे अभी उठ कर गोली चलाने लगेगा
गुड्डे गुड़ियों की तरह जहां तहां बिखरे शरीर
कुमाऊं रेजिमेंट ने अपने 113 सैनिकों की लाशें इकट्ठा
की, 18 नवंबर 1962 की उस काल रात्रि में चीनी सेना
ने भी अपने 1200 से ज्यादा सैनिक खोए
बाद में आई रिपोर्ट्स बताती है कि चीन को सबसे ज्यादा
नुकसान रेजांग ला में हुआ था
उस रात, चीनियों नें आसपास की कई पहाड़ियों को बिना
लड़े कब्जा किया था, भारतीय सेना के कम जवान होने
के कारण उन्हें पीछे हटकर रिग्रूप होने को कहा गया था
यह आदेश, रेजांगला में मेजर शैतान सिंह भाटी को भी
मिले थे, मगर उनकी कम्पनी में अपने रिस्क पर, पोस्ट न
छोड़ना तय किया था
नतीजा शहादत होगा, वे जानते थे
#मेजर #शैतान_सिंह को परमवीर चक्र 🎖मिला
रेजांगला में उस पहाड़ी पर एक स्मारक बनाया गया
जहां कुमाऊं रेजिमेंट के 113 वीर अपनी जान दे गए
स्मारक 60 सालों तक चीन की और देखकर फुसफुसाता
था, यहां न किसी को घुसने दिया गया न आने दिया गया
60 साल बाद वह इलाका "बफर जोन" हो गया
और स्मारक तोड़ दिया गया..................💤

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Dewas
455001

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